Mutual Funds Easy, Instant Mon

अब म्यूचुअल फंड्स की दुनिया में प्रवेश करना पूरी तरह से आसान हो गया है। हम सभी जानते हैं कि 'म्यूचुअल फंड साही है' लेकिन इसके बाद के सवाल हैं - कौन सी म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करना है, कौन सी म्यूचुअल फंड कंपनी को चुनना है और कब तक म्यूचुअल फंड में निवेश करना है। अब कई संदेहों और भ्रामक विकल्पों से दूर चले जाएं - आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड आपको म्यूचुअल फंड का अनुभव करने के लिए एक आसान प्रवेश द्वार प्रदान करता है। इसलिए म्यूचुअल फंड से पूरी तरह से दूर रहने के बजाय, आईवेव-आईपीआरएमएफ द्वारा प्रदान की गई निवेश की आसानी से लाभ उठाएं और म्यूचुअल फंड में अपनी यात्रा शुरू करें।

ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड द्वारा iSave-IPruMF एक ऐप है जो खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जो ICICI प्रूडेंशियल लिक्विड फंड (एक ओपन एंडेड लिक्विड स्कीम) में निवेश करना चाहते हैं। यह ऐप आपको निर्णय लेने से दूर रहने में मदद करता है कि किस म्यूचुअल फंड में निवेश करना है, क्या एक सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के माध्यम से निवेश करना है या कितने समय के लिए निवेश करना है और कितने समय तक निवेश करना है। ISave-IPruMF के साथ आप आसानी से आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लिक्विड फंड में पैसा लगा सकते हैं, म्यूचुअल फंड स्कीम के प्रदर्शन को आसानी से ट्रैक कर सकते हैं और जल्दी निकासी का लाभ उठा सकते हैं।

प्रमुख विशेषताऐं:
1. तुरंत रु। त्वरित निकासी सुविधा # के माध्यम से जो भी कम हो, आपकी राशि के 50000 / - या 90%
2. निवेश करें, निकालें और अपने निवेश को आसानी से ट्रैक करें
3. अपने निवेश के साथ # मेडिकल एडवांटेज फ़ीचर का लाभ प्राप्त करें

ISave-IPruMF पर एक नए निवेशक को क्या करने की आवश्यकता है?
1. खुद को रजिस्टर करें
2. व्यक्तिगत और बैंक विवरण दर्ज करें
3. निवेश करें और अपने पैसे को बढ़ने का अवसर दें

यह किसी भी अन्य म्यूचुअल फंड ऐप से कैसे अलग है?
1. परिसंपत्ति आवंटन के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है
2. किस म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करना है, यह तय करने की जरूरत नहीं है
3. कितना निवेश करना है, इसके बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, आप रु। से शुरू कर सकते हैं। 100 / -
4. जरूरत पड़ने पर अपने पैसे भुनाएं, सिर्फ एक बटन के टैप पर

यह इत्ना आसान है! अब iSave-IPruMF के साथ तुरंत पैसे का लाभ उठाएं - म्यूचुअल फंड आपके लिए आसान बना।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लिक्विड फंड उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो * मांग रहे हैं:
• अल्पकालिक बचत समाधान
• एक तरल फंड जिसका उद्देश्य कम जोखिम के साथ उचित रिटर्न प्रदान करना और तरलता का उच्च स्तर प्रदान करना है।
* निवेशकों को अपने वित्तीय सलाहकारों से परामर्श करना चाहिए यदि संदेह है कि क्या उत्पाद उनके लिए उपयुक्त है।

निवेशक समझते हैं कि उनका प्रिंसिपल कम जोखिम में होगा।

म्यूचुअल फंड निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन हैं, योजना से संबंधित सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें।

म्यूच्यूअल फंड में कौन सा तरीका सही – एकमुश्त निवेश या एस आए पी (सिप)?

क्या आप म्यूच्यूअल फंड में निवेश करने के लिए तैयार हैं? अगर आपका जवाब हाँ हैं तो क्या आपने क्निश्चित कर लिया हैं की आप किस तरह अपना पैसा म्यूच्यूअल फंड में निवेश करेंगे – एकमुश्त (लम्प सम ) या फिर सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (सिप) में करेंगे?

अगर आप इसी सवाल में उलझ रहे हैं यह समझ ले की यह दोनों सिर्फ रिटर्न की दृष्टि से अलग नहीं हैं बल्कि पैसे इन्वेस्ट या निवेश करने के तरीके से भी काफी अलग हैं |

लेकिन एक बात समझ ली जिये अगर आप एकमुश्त (लम्प सम) इन्वेस्टमेंट करना चाह रहे हैं तो आप के पास एक बार में इन्वेस्ट’करने के लिए बहुत पैसा होना ज़रूरी हैं | और आप सिप का रूट तब ले सकते हैं जब आप जानते हैं की आप हर महीने एक निश्चित रकम इन्वेस्ट कर सकते हैं | चलिए इन दोनों इन्वेस्टमेंट प्लान को और नज़दीक के समझ लेते हैं |

सिप (SIP) क्या हैं

सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP में आपके चुने गए समय अंतराल पर आपके अकाउंट से एक निश्चित राशि निकल कर आपके चुने हुए मुटुआल फंड में इन्वेस्ट किया जाता हैं |

बस इतना समझ ले की यहाँ आपका इन्वेस्टमेंट अमाउंट को कई किश्तों में बाट दिया जाता हैं| इससे आप की सिर्फ नकदी संकट से बच सकते हैं बल्कि आप अचानक मार्किट क्रैश होने के कारण जो रिस्क होता हैं, आप उससे भी बच जाते हैं | अब आप पूछेंगे कैसे? तो जवाब सरल हैं – क्योंकि SIP में आप अपना सारा पैसा एक बार में निवेश नहीं करते हैं।

सिप निवेशक को रूपी कॉस्ट एवरेजिंग का फ़ायदा देता हैं, इसलिए बुरी मार्किट कंडीशन में भी यह आप को प्रॉफिट या लाभ देता हैं| सीधे लफ़्ज़ों में SIP आप के इन्वेस्टमेंट प्लान का रिस्क कम करता हैं| और क्या, आप अपने SIP की किश्तको भविष्य में बढ़ा भी सकते हैं|

स्कीम चुनते वक़्त आप अपनी जोखम उठानी क्षमता, रिटर्न की उम्मीद औवित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखे| इस लिए आवश्यक रकम पर विचार करें और फिर इन्वेस्ट करे।

एकमुश्त निवेश क्या हैं

अगर आप लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेन्ट प्लान कर रहें हैं और आप के पास फंड भी हो तो आप

एकमुश्त निवेश यानी लम्प सम इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं | क्यों की एकमुश्त निवेश आप को शानदार रिटर्न दे सकता है, बशर्ते आपने पैसा लॉन्ग टर्म क लिए इन्वेस्ट किया हो और मार्केट को ठीक से समझ लिया हो। एक बात गाठ बांधले जब मार्केट डाउन हो, उस समय इन्वेस्टमेंट करने से अच्छा रिटर्न मिलने की अपेक्षा होती है।

यदि आप मिड-टर्म रेतुर्न चाहते हैं तो डेट फंड में लम्प सम इन्वेस्टमेंट करना सही रहेगा। अगर आप ज्यादा रिस्क उठाने की चाहत रखते हैं तो इक्विटी म्यूच्यूअल फंड में लम्प सम इन्वेस्टमेंट करना आप के लिए सही होगा |

मार्केट डाउन होने पर और बहुत जल्द रिकवरी की उम्मीद रखने वालो को हमेशा लम्प सम इन्वेस्टमेंट करना चाहिए | लेकिन यदि आप रिटायरमेंट के करीब हैं या सीनियर सिटीजन हैं तो एकमुश्त रकम के साथ एक इक्विटी फंड में कोई बड़ा रिस्क लेने से बचना चाहिए |

SIP में निवेश करने की फायदे एकमुश्त निवेश कीतुलना में

  • SIP नए निवेशकों के लिए बेहतर होता हैं
  • SIP निवेशकों में अनुशासन लता हैं क्यों की आप हर महीने एक नियंत्रित रकम निवेश करते हैं
  • आप को बाजार ट्रैक नहीं करना पढता हैं अगर आप SIP में निवेश करते हैं| यहाँ आप कम पैसा नियंत्रित रूप से निवेश करते हैं, इससे आपकी रिस्क फैक्टर कम हो जाती हैं| एकमुश्त इन्वेस्टमेंट में रिस्क ज्यादा होता हैं और रेतुर्न भी|
  • SIP द्वारा आप नियमित निवेश करते हैं| इसलिए जब बाजार कमज़ोर होता हैं तब आप ज़्यादा म्यूच्यूअल फंड यूनिट् खरीद सकते हैं और जब मजबूत होती है बाजार तब कम|एकमुश्त इन्वेस्टमेंट आप को यह फ़ायदा नहीं मिलता हैं |
  • SIP में इन्वेस्ट करने वालो को मार्किट की अस्थिरता से कम तनाव होती हैं

अब आपको SIP और लम्प सम इन्वेस्टमेंट में क्या अंतर हैं और क्या फायदे हैं जान चुके हैं| लेकिन इन दोनों में सेएकसहीऑप्शन चुनने के लिए आप एक्सपर्ट सलाह ले सकते हैं| इन्वेस्टमेंट करते वक़्त म्यूच्यूअल फंड से होने वाली मुनाफ़े पे लगने वाली टैक्स का भी ध्यान रखना चाहिए| इन्वेस्टकरतेवक़्तअपने फाइनैंशल टार्गेट और रिस्क उठाने की चाहत के हिसाब से पैसा निवेश करें| कोई भी निवेश से पहले अपने इन्वेस्टमेंट अडवाइजर से कंसल्ट करे, इसी में बुद्धिमानी है।

डिस्क्लेमर : म्यूच्यूअल फंड निवेस बाज़ार के जोखमों के अधीन है | निवेश करने से पहले पड़ताल करले और अपने फाइनेंसियल अद्विसेर से सलाह लेकर निवेश करें |

Mutual Fund में कब और कैसे करें निवेश

आप का पैसा म्यूचुअल फंड में निवेश के बाद अच्छा रिटर्न दे, इस के लिए जानिए कुछ अहम सुझाव.

अपने रोजमर्रा के खर्चों के बीच छोटीमोटी बचत तो हम सब कर ही लेते हैं, मगर फायदा तो तब है जब बचत के साथसाथ निवेश की भी आदत डाली जाए. जब निवेश की बात आती है तो ज्यादातर लोगों के दिमाग में शेयर मार्केट में पैसे लगाने का खयाल आता है. जबकि असलियत तो यह है कि यदि आप को शेयर बाजार में पैसे लगाने का अनुभव नहीं है तो यह आप के लिए घाटे का सौदा साबित हो सकता है. फाइनैंशियल प्लानर, अनुभव शाह के मुताबिक नए निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश करना एक बेहतरीन विकल्प है. ऐसा नहीं है कि म्यूचुअल फंड में निवेश करने में कोई जोखिम नहीं, पर शेयर बाजार में निवेश की तुलना में यह फिर भी कम जोखिम भरा है.

आइए, जानते हैं कि इक्विटी में निवेश की तुलना में म्यूचुअल फंड क्यों है बेहतर:

क्या है

आप म्यूचुअल फंड में निवेश करें इस से पहले आप को शेयर और म्यूचुअल फंड के बीच का फर्क पता होना चाहिए. जब आप शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं, तो इस का मतलब है कि आप एक सार्वजनिक कंपनी के शेयर तब खरीद रहे हैं जब उन की कीमत कम है और कीमत बढ़ने पर इन्हें बेच देंगे. हालांकि म्यूचुअल फंड में निवेश करने का मतलब यह है कि आप का फंड मैनेजर आप के द्वारा निवेश की गई रकम को बौंड, शेयर, डिबैंचर जैसे निवेश के अलगअलग विकल्पों में लगाता है. ऐसे में म्यूचुअल फंड का रिटर्न अलगअलग प्रतिभूतियों पर हो रहे मुनाफे पर निर्भर करेगा.

जोखिम

म्यूचुअल फंड और शेयर इक्विटी में निवेश दोनों में ही जोखिम है. हालांकि जब आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो यह जोखिम थोड़ा कम हो जाता है. जब आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो आप के पास का निवेश विभिन्न प्रकार के निवेश उपकरणों में किया जाता है. यदि एक उपकरण का प्रदर्शन खराब है तो दूसरे का अच्छा हो सकता है. ऐसे में जोखिम कम हो जाता है. इक्विटी में निवेश का सब से बड़ा नुकसान यह है कि यदि शेयर बाजार नीचे जा रहा है तो आप को उसी अनुपात में नुकसान भी होता है. कुल मिला कर आप के निवेश का प्रदर्शन किसी एक कंपनी के शेयरों के प्रदर्शन तक ही सीमित रह जाता है.

Mutual Funds में लगा है पैसा तो हो जाएं सावधान! जानें किस तरह के फंड्स से रहें दूर?

Mutual Funds calculator: MF में पैसा लगाने से पहले हम सभी को ये जानना बहुत जरूरी है कि किन फंड्स और स्टॉक्स में आपको पैसा नहीं लगाना है. आज हम आपको बताएंगे कि कौन से Mutual Funds में आपको इंवेस्ट नहीं करना है-

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Mutual Funds में लगा है पैसा तो हो जाएं सावधान! जानें किस तरह के फंड्स से रहें दूर?

Mutual Funds: म्यूचुअल फंड की तरफ लोगों का इंट्रस्ट काफी बढ़ता जा रहा है, लेकिन इनमें पैसा लगाने से पहले हम सभी को ये जानना बहुत जरूरी है कि किन फंड्स और स्टॉक्स में आपको पैसा नहीं लगाना (Mutual Funds You Should Never Buy) है. क्योंकि अगर आपने खराब फंड्स को इग्नोर कर दिया तो आपको अपने आप ही अच्छा रिटर्न मिलेगा तो अपना पैसा लगाने से पहले आपके लिए ये जानना बेहद जरूरी है कि कौन से फंड्स ने निवेशकों को पिछले कुछ सालों में किस तरह का रिटर्न दिया है.

आज हम आपको बताएंगे कि कौन से Mutual Funds में आपको इंवेस्ट नहीं करना है-

बैलेंस या हाइब्रेड फंड्स
फंड्स ऑफ फंड्स
न्यू फंड ऑफरिंग्स (NFO)
रेगुलर फंड्स
लार्जकैप एक्टिव फंड्स
मिडकैप फंड्स
सेक्टोरियल या थीमैटिक फंड्स
डेट फंड

बैलेंस या हाइब्रेड फंड्स
इस तरह के फंड में सबसे ज्यादा फीस जाती है. इसमें इक्विटी फंड के बराबर आपको फीस देनी होती है. तो इस तरह के फंड में निवेश करने से बेहतर है कि आप अलग से इक्विटी फंड, लिक्विड या फिर एफडी में निवेश कर सकते हैं.

फंड्स ऑफ फंड्स
फंड ऑफ फंड्स वह फंड होते है जो बाकी म्यूचुअल फंड में पैसा लगाते हैं. ये डायरेक्ट स्टॉक्स में निवेश नहीं करते हैं. इस तरह के फंड में आपको दोगुनी फीस देनी होती है तो इस तरह के फंड से भी दूर रहना चाहिए.

न्यू फंड ऑफरिंग्स (NFO)
आज के समय में मार्केट में निवेश करने के लिए सैकड़ों स्कीम्स उपलब्ध हैं. इस तरह के फंड्स का कोई भी ट्रैक रिकॉर्ड नहीं होता है. यह नए फंड्स होते है, जिसको बाजार में चलाने के लिए उनकी मार्केटिंग की जाती है. NFO के मार्केट में आने के बाद और उसकी 1 या 2 साल की परफॉर्मेंस देखने के बाद ही इनमें पैसा लगाना चाहिए.

रेगुलर फंड्स
इस तरह के फंड्स को भी इग्नोर करना चाहिए. इस तरह के फंड में अगर कोई निवेशक 100 रुपये लगा रहा है तो उसमें से एक रुपया उस कंपनी के पास जाता है, जिसमें आप पैसा लगाते हैं और आपका एक नए निवेशक को किस फंड में निवेश करना चाहिए? रुपया उस एजेंट के पास जाता है, जिसने आपको वह स्कीम का सजेशन दिया है. तो इस तरह के फंड में आपके 100 में सिर्फ 98 रुपये ही लगते हैं. तो इस तरह के फंड को इग्नोर करके आप 1 फीसदी पैसा बचा सकते हैं.

लार्जकैप एक्टिव फंड्स
लार्जकैप एक्टिव फंड्स में निवेश करने से पहले निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि उनका पिछले सालों का रिटर्न कैसा रहा है. इसके अलावा सेबी ने 2 साल पहले लार्ज कैप फंड्स में बदलाव किया, जिसके बाद लार्ज कैप फंड्स का यूनिवर्स अब सिर्फ 100 स्टॉक्स का रह गया है. तो आप इसकी जगह पर लार्ज कैप इंडेक्स फंड में निवेश कर सकते हैं.

मिडकैप फंड्स
इन फंड्स में पैसा लगाने से बेहतर है कि निवेशकों को एक्टिवली मैनेज लार्ज-मिडकैप फंड्स में निवेश करना चाहिए. इसमें आपको टॉप-100 लार्जकैप कंपनी और 150 मिडकैप कंपनी भी शामिल रहती है. इसमें फंड मैनेजर 250 कंपनियों के यूनिवर्स में पैसा लगा सकता है.

सेक्टोरियल या थीमैटिक फंड्स
सेक्टर फंड्स में निवेश करना काफी रिस्क भरा रहता है. ये फंड्स निवेशकों को अच्छे समय में बहुत ज्यादा रिटर्न देते हैं, लेकिन डाउनसाइड की स्थिति में निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. साथ ही इन फंड्स में फीस भी सबसे ज्यादा लगती है.

डेट फंड
रिटेल निवेशकों को ज्यादतर डेट फंड से दूर ही रहना चाहिए. लॉन्ग टर्म के लिए रिटेल निवेशकों को इस तरह के फंड्स को इग्रोर ही करना चाहिए. हालांकि आप अल्ट्रा शॉर्ट ड्यूरेशन फंड, लिक्विटड फंड, ओवरनाइट फंड में निवेश कर सकते हैं. निवेशकों को मोस्ट डेट फंड्स में पैसा लगाने से बचना चाहिए.

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रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) से बंपर रिटर्न पाने के लिए बनाएं ये रणनीति

Mutual Fund Investment

Mutual Fund Investment: यूक्रेन पर रूस का आक्रमण दूसरे सबसे बड़े शहर खार्विव में नए निवेशक को किस फंड में निवेश करना चाहिए? बमबारी के साथ छठे दिन में प्रवेश कर गया है. यहां तक ​​​​कि क्रेमलिन को विश्व मंच पर बढ़ते अलगाव का सामना करना पड़ रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रूसी काफिला अपने सैकड़ों टैंकों और वाहनों के साथ राजधानी कीव के बाहरी इलाके में पहुंच चुका है जो सिर्फ 17 मील दूर है. सोमवार को दोनों पक्षों के बीच करीब पांच घंटे तक बातचीत चलती रही लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है. इन सबके बीच निवेशक म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश नए निवेशक को किस फंड में निवेश करना चाहिए? करने को लेकर आशंकित हैं और जानना चाह रहे हैं कि अब क्या करना चाहिए.

लॉन्ग टर्म में म्यूचुअल फंड्स में बना रहने की उम्मीद
जानकारों का कहना है कि वैश्विक बाजार में तनाव के चलते शेयर बाजार (Share Market) में उतार-चढ़ाव रहने की आशंका बरकरार है. जानकारों ने निवेशकों को लॉन्ग टर्म में म्यूचुअल फंड्स में बने रहने की राय दी है. जानकार कहते हैं कि पिछले दो साल से निवेश के लिहाज से मार्केट काफी अच्छा रहा है और निवेशकों को बंपर रिटर्न मिला है. हालांकि अब जानकारों का कहना है कि अगर किसी निवेशक को पैसे की जरूरत है तो वह अभी फिलहाल फंड से पैसा निकाल सकता है. उनका कहना है कि यह हालात काफी समय तक नहीं बना रह सकता है और इन सभी समस्याओं के खत्म होने के बाद एक बाजार फिर मार्केट नई ऊंचाई पर पहुंच जाएगा.

कैसे बनाएं पोर्टफोलियो
जानकारों का कहना है कि लॉन्ग टर्म के लिए पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए मौजूदा समय अपने पोर्टफोलियो को मजबूत करने का है. साथ ही अपनी रिस्क के हिसाब से पोर्टफोलियो को भी रीबैलेंसिग करने का समय है. मार्केट में गिरावट बढ़ने पर SIP में धीरे-धीरे निवेश को बढ़ाना चाहिए. हालांकि जानकार मानते हैं कि रूस-यूक्रेन संकट की वजह से मार्केट आगे किस दिशा में जाएगा, इस पर अभी कुछ भी कहना मुश्किल है, लेकिन अगर लिक्विडिटी कम होती है तो निश्चिततौर पर मार्केट पर उसका नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है. मतलब यह कि बाजार में उतार-चढ़ाव बनी रह सकती है.

जानकारों का कहना है कि मौजूदा हालात में निवेशकों को घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े सेक्टर्स के ऊपर ध्यान दिया जाना चाहिए. उनका कहना है कि फार्मा, बैंकिंग, फाइनेंशियल, ऑटो और सीमेंट सेक्टर पर खास ध्यान रखने की जरूरत है. जानकार कहते हैं कि नए निवेशकों के लिए इक्विटी मार्केट में पैसा लगाने का काफी अच्छा मौका दिखाई पड़ रहा है और पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करने से रिस्क फैक्टर भी कम होगा.

(Disclaimer: निवेशक निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर लें. न्यूजनेशनटीवीडॉटकॉम की खबर को आधार मानकर निवेश करने पर हुए लाभ-हानि का newsnationtv.com से कोई लेना-देना नहीं होगा. निवेशक स्वयं के विवेक के आधार पर निवेश के फैसले लें)

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