आप चाहें तो चांदी की ज्वैलरी (Silver Jewellery) के जरिए इसमें निवेश कर सकते हैं। भारत में सोने के साथ-साथ चांदी की ज्वैलरी भी बिकती है, यहां तक कि कुछ चीजें चांदी में ही खरीदी जाती हैं। चांदी की पायल, अंगूठी, ब्रेसलेट, बाजूबंद, कमरबंद, नेकलेस, ईयरिंग्स, नोज रिंग, चेन, भारी कड़े, बिछिए आदि ज्वैलरी बनवाई जा सकती है। शादी-ब्याह के अलावा सामान्य दिनों में भी चांदी की ज्वैलरी की खरीदी होती है।

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भारत में, आप पैसे का निवेश कर सकते हैं और अपने पोर्टफोलियो को कई तरह से स्वस्थ और लाभदायक बनाए रखने के लिए उसमें विविधता ला सकते हैं। सबसे लोकप्रिय तरीकों में से एक कमोडिटी ट्रेडिंग है।

जबकि कमोडिटी बाजार भारत में सौ से अधिक वर्षों से अस्तित्व में है, हालांकि कमोडिटी बाजार शेयर बाजारों की तुलना में कम लोकप्रिय हैं, वे भारतीय अर्थव्यवस्था के कामकाज और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस पोस्ट में, आइए हम भारत में कमोडिटी बाजारों की भूमिका और महत्व को समझने की कोशिश करें।

कमोडिटी बाजार क्या हैं?

जिस तरह शेयर बाजार व्यापारिक शेयरों की सुविधा देता है, वैसे ही धातु, सोना, चांदी, कृषि उत्पाद, और अन्य जैसी वस्तुओं का कारोबार कमोडिटी बाजार नामक समर्पित बाजारों में किया जाता है। व्यापारी, निर्माता, उत्पादक और अन्य लोग विभिन्न वस्तुओं की कीमत की खोज के लिए इन बाजारों का व्यापक रूप से उपयोग करते हैं।

शेयर बाजार की तरह, खरीदने और बेचने के लिए स्टैंडअलोन कमोडिटी एक्सचेंज हैं। वर्तमान में, देश में तीन मुख्य कमोडिटी एक्सचेंज संचालित होते हैं - एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज), आईसीईएक्स (इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज), और एनसीडीईएक्स (नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज)।

हालांकि, एमसीएक्स भारत में अग्रणी कमोडिटी एक्सचेंज है, जहां स्पॉट ट्रेडिंग और डेरिवेटिव दोनों में सबसे अधिक दैनिक कारोबार होता है।

भारत में कमोडिटी बाजार कितने महत्वपूर्ण हैं?

भारत में कमोडिटी बाजार देश की अर्थव्यवस्था, निवेशकों और अपने जीवन यापन के लिए वस्तुओं पर निर्भर लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। कमोडिटी बाजारों की कुछ सबसे महत्वपूर्ण विशेषताएं हैं:

ये बाजार लोगों को भारत में कृषि उत्पादों सहित विभिन्न वस्तुओं की वास्तविक कीमतों का पता लगाने की अनुमति देते हैं। ये बाजार सुनिश्चित करते हैं कि वस्तुओं को कम कीमत पर नहीं बेचा जाता है, जिससे कोई नुकसान नहीं होता है।

गुणवत्ता रखरखाव

कमोडिटी बाजारों में खरीद और बिक्री के लिए उपलब्ध वस्तुओं की गुणवत्ता के संबंध में सख्त आवश्यकताएं हैं। इस तरह की नीतियां सुनिश्चित करती हैं कि पूरे देश में माल की गुणवत्ता बेहतर हो, जिससे आपूर्तिकर्ताओं और उपभोक्ताओं को भी कमोडिटी विकल्प क्या हैं लाभ हो।

कमोडिटी फ्यूचर्स में ट्रेडिंग ब्रोकर के साथ बनाए गए मार्जिन के माध्यम से लीवरेज पर आधारित होती है। हाथ में बहुत कम मात्रा में नकदी के साथ एक बड़ा लेनदेन किया जा सकता है।

भारत के पहले एग्री ऑप्शन ट्रेडिंग टूल को लॉन्च किया गया

कमोडिटी बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव मौसम में बदलाव, सप्लाई और डिमांड कम या ज्यादा होने, ग्लोबल हालात, नीतिगत बदलाव और आर्थिक आंकड़ों के कारण होता है.

NCDEX starts first agri options trading

राष्ट्रीय कमोडिटी और डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड (एनसीडीईएक्स) ने कमोडिटी विकल्प क्या हैं 14 जनवरी 2018 को भारत के पहले ग्वार ऑप्शंस बीजों को लॉन्च किया. यह भारत के सबसे बड़े कृषि उत्पादों का बाज़ार है. इससे किसान कीमत बढ़ने के खतरे से स्वयं को बचा सकेंगे.

एनसीडीईएक्स प्लेटफॉर्म राजस्थान के कुछ समुदायों में बड़ी संख्या में अनौपचारिक व्यापार केंद्र के साथ पहले से ही अनौपचारिक ऑप्शंस ट्रेडिंग के रूप में शामिल है. एनसीडीईएक्स का यह उपक्रम किसानों को अपनी उपज से ज्यादा पैसा कमाने में मदद करेगा.
किसानों के पास इस आर्थिक साधन के जरिए व्यापार करने का बेहतर विकल्प होगा. यह ऑप्शन किसानों के लिए जोखिम का स्तर कम करेगा, जिससे उन्हें अपने उत्पाद की बेहतर कीमत मिल सकेगी.

MCX आज शुरू करेगा देश का पहला बुलियन इंडेक्स, जानें- क्या होंगे ट्रेडिंग के विकल्प?

By: एजेंसी | Updated at : 24 Aug 2020 07:59 AM (IST)

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) देश का पहला बुलियन इंडेक्स लॉन्च करने को तैयार है. इसे बुलडेक्स नाम से आज लॉन्च किया जाएगा. एमसीएक्स का बुलडेक्स कीमती धातुओं की श्रेणी में छठां उत्पाद होगा. इसके पहले 25 मई को, कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज ने एग्रीडेक्स नाम से देश का पहला इंडेक्स फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट लॉन्च किया था, जिसमें 10 एग्री कमोडिटीज को शामिल किया गया था.

MCX ने जानकारी दी कि एमसीएक्स आईकॉमडेक्स (MCX iCOMDEX) के बुलियन इंडेक्स सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में समाप्त होने वाले वायदा अनुबंध व्यापार के लिये 24 अगस्त से उपलब्ध होंगे. एमसीएक्स का बुलडेक्स कीमती धातुओं की श्रेणी में छठां उत्पाद होगा. इसमें एक किलोग्राम सोना, 100 ग्राम गोल्डमिनी, 8 ग्राम सोना गिनी और एक कमोडिटी विकल्प क्या हैं ग्राम सोना पेटल के विकल्प होंगे.

OctaFX makes commodities trading easy

Сommodities are tradeable physical assets such as metals, including gold, silver, platinum, and copper as well as crude oil, natural gas, and other resources.

The value of commodities to a trader is that they have little connection with the ups and downs of currencies and the stock market, helping create a diverse and stable investment portfolio.
Modern investment offers a variety of easy ways to take part in commodities trading—the most common of these is derivative trading. It lets you take a position on कमोडिटी विकल्प क्या हैं a commodity’s price without actually owning the asset.

Advantages of derivative trading:

  • The ability to profit from not just strong markets but from falling ones as well.
  • The opportunity to speculate within a wide range of markets from just one platform.
  • Margin trading lets you create a diverse investment portfolio rather than locking up all your capital within a single transaction.

Commodities trading in gold has become very popular as online investment has grown—it provides one of the simplest and most affordable means of making a profit.

Gold has great कमोडिटी विकल्प क्या हैं transferable value and historically has been proven to be highly dependable for gold traders. Plus, in general, precious metals make an excellent bolster during periods where currencies are down and inflation is high.

​चांदी के सिक्के

चांदी के सिक्के निवेश का सबसे सरल उपाय हैं। धनतेरस, दिवाली और शादी-ब्याह के मौकों पर इनकी खरीद बढ़ जाती है। अगर आप ज्वैलरी के तौर पर चांदी नहीं खरीदना चाहते हैं तो सिक्के ले सकते हैं। चांदी के बिस्किट के मुकाबले चांदी के सिक्कों की कीमत ज्यादा होती है क्योंकि सिक्कों पर आमतौर पर कुछ आर्ट या पिक्चर बनी होती है। साथ में लेबर कॉस्ट भी होती है, जो फाइनल प्राइस में जुड़ जाती है। हालांकि फिर भी ये कम कीमत पर चांदी खरीदने का अच्छा विकल्प होते हैं। सिक्कों को ऑनलाइन या ऑफलाइन खरीदा जा सकता है।

​​चांदी के बिस्किट

अगर आपके पास निवेश करने के लिए अच्छा अमाउंट है तो आप चांदी के बिस्किट यानी सिल्वर बार खरीद सकते हैं। चांदी की कीमत प्रति किलोग्राम के आधार पर होती है। जरूरत पड़ने पर भविष्य में इसे बेच सकते हैं या गहने बनवा सकते हैं। चांदी के बिस्किट की मांग काफी ज्यादा रहती है। इसकी वजह है कि ज्वैलर्स के अलावा, इंडस्ट्रियल यूज के लिए भी चांदी के बिस्किट की खरीद होती है।

​​कमोडिटी मार्केट के जरिए

अगर आप चांदी की फिजिकल फॉर्म में निवेश नहीं करना चाहते हैं तो कमोडिटी मार्केट के कमोडिटी विकल्प क्या हैं जरिए चांदी में निवेश कर सकते हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने की ही तरह चांदी का भी वायदा कारोबार होता है। सिल्वर फ्यूचर में निवेश करने के लिए आपके पास अमाउंट, नॉर्मल सिल्वर में निवेश की तुलना में थोड़ा ज्यादा होना चाहिए। सिल्वर फ्यूचर में निवेश करने से पहले वायदा कारोबार के बारे में जानकारी जरूर जुटा लें। साथ ही यह भी सुनिश्चित कर लें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी के प्राइस में फ्लक्चुएशन की स्थिति में अगर कोई अतिरिक्त लागत पैदा होती है तो उसे कवर करने के लिए आपके पास पर्याप्त पैसा हो। वायदा कारोबार में अभी चांदी की कीमत 60085 रुपये प्रति किलो है।

​चांदी की मूर्तियां और अन्य आइटम्स

चांदी के शोपीस, मूर्तियां, एंटीक्स या अन्य आइटम्स के जरिए भी आप सिल्वर में निवेश कर सकते हैं। मार्केट में भगवान की चांदी की बनी हुई मूर्तियां, चांदी की थाली, सिल्वर मग, सिल्वर बाउल, पूजा सेट, सिल्वर बॉक्स, ज्वैलरी बॉक्स, डेकोरेशन आइटम्स आदि मौजूद हैं। ध्यान रहे कि किसी भी बहुमूल्य धातु की कोई भी चीज खरीदने से पहले सुनिश्चित जरूर हो जाएं कि वह असली चांदी की बनी हुई है ताकि आपको नुकसान न उठाना पड़े।

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